कैसे बढ़ाएं फोन और लैपटॉप की बैटरी लाइफ

कैसे बढ़ाएं फोन और लैपटॉप की बैटरी लाइफ

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Windows-8-Battery-lifeस्मार्टफोन और लैपटॉप के इस्तेमाल में सबसे बड़ी समस्या बैटरी की होती है। जब डिवाइस नया होता है तब तो बैटरी ढंग से काम करती है लेकिन थोड़े दिनों बाद से ही बैटरी की परफॉरमेंस कम होने लग जाती है। पर कुछ सावधानियां अपनाकर हम अपने मोबाइल और लैपटॉप की बैटरी लाइफ बढ़ा सकते हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं बैटरी लाइफ बढ़ाने के कुछ खास टिप्स-

नहीं करनी चाहिए ओवर चार्जिंग 
फोन के फुल चार्ज होने के बाद उसके चार्जर को निकाल दें, उसे अधिक देर तक चार्ज में नहीं लगाए रखें। ओवरचार्जिंग फोन की बैटरी के लिए हानिकारक है कई फोन निर्माता कंपनियों ने एक सीमा तय कर रखी है कि उससे अधिक चार्ज करने पर बैटरी लाइफ प्रभावित होती है। लिथियम आयन बैटरी ओवरचार्ज बर्दाश्त नहीं करती। लैपटाप को अकसर हम चार्ज होते हुए भी चार्जर में लगाए रखते हैं और उसपर काम करते रहते हैं। अधिक समय तक ऐसा करने से बैटरी लाइफ कम हो सकती है। बेहतर होगा की आप लैपटाप की बैटरी के 40 प्रतिशत से कम होने पर ही चार्जिंग करें।

न होने दें फुल डिस्चार्ज
कई विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डिवाइस को फुल डिस्चार्ज कर के ही उसे चार्ज करना चाहिए। लेकिन अक्सर यह देखा गया है कि पार्शियल डिस्चार्ज फुल डिस्चार्ज से बेहतर होता है। इसके लिए हमें डिवाइस की बैटरी को 40 से 80 प्रतिशत के बीच में रखना होता है। मतलब बैटरी को 40 प्रतिशत से ज्यादा डिस्चार्ज न होने दे और उसे 80 प्रतिशत तक चार्ज करें। अगर आप कहीं बाहर जा रहे हैं और फोन चार्ज नहीं कर सकते, ऐसे में आप फोन को पूरा 100 प्रतिशत तक चार्ज करें।

अल्ट्रा फास्ट चार्जर का न करें इस्तमाल
अल्ट्रा फास्ट चार्जर की मदद से हम डिवाइस को तेजी से चार्ज कर सकते हैं, लेकिन यह बैटरी की उम्र कम कर देता है। इसलिए रेगुलर चार्जर ही इस्तेमाल करें। अल्ट्रा फास्ट चार्जर और पोर्टेबल चार्जर के इस्तेमाल से बैटरी का टॉकटाइम और स्टैंडबाय टाइम भी घटता है।

नकली चार्जर का ना करें इस्तेमाल
आप उन लोगों को जानते होंगे जो ब्रांडेड चार्जर के नाम पर सड़क किनारे बिक रहे चार्जर का इस्तेजमाल करते हैं लेकिन आप ऐसा न करें। यह सस्ते चार्जर फोन की बैटरी को खराब कर सकते हैं साथ ही आपको भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। आपने कई बार अचानक बैटरी के विस्फोट होने की खबरें सुनी होंगी। इस तरह की घटनाओं का कारण नकली चार्जर भी है।

अगर डिवाइस को रखना हो लंबे समय तक बंद
अगर आप अपने डिवाइस को लंबे समय तक बंद रखने जा रहे हों तो यह देख लें कि डिवाइस की बैटरी 50 प्रतिशत तक चार्ज है या नहीं। जी हां डिवाइस को चेक कर लें कि उसकी बैटरी कम से कम हाफ मार्क तक चार्ज हो। और फिर डिवाइस को 32 डिग्री सेल्सियस के नीचे ठंडे तापमान वाली जगह पर रख दें। इस तरह डिवाइस 6 महीने तक चार्ज रह सकता है।

तापमान का रखें ख्याल
डिवाइस की बैटरी पर आस-पास के तापमान का बहुत प्रभाव पड़ता है। अगर आप 0 डिग्री सेल्सियस से नीचे या 35 डिग्री सेल्सियस के ऊपर के तापमान पर रहते हैं तो फोन की बैटरी बहुत तेजी से खत्म होने लगती है। इसके अलावा, तेज गर्मी का असर भी डिवाइस पर पड़ता है। इससे डिवाइस गर्म हो जाता है और बैटरी की प्रोडक्टिविटी भी कुछ कम होने लगती है। इसलिए अपने फोन या टैबलेट को सूरज की गर्मी से दूर रखें। ठंड के मुकाबले गर्मी बैटरी को अधिक प्रभावित करती है। यही हाल लैपटॉप का भी है। लैपटॉप का जितना इस्तेमाल किया जाता है उतना बैटरी गर्म होती है। इसके लिए लैपटॉप की कूलिंग के लिए कुछ ना कुछ तरीका अपनाएं। इसे सीधे अपनी बॉडी के टच में ना रखें। इसके अलावा, लैपटॉप को किसी बुक या कूलिंग पैड के ऊपर रखकर इस्तेमाल करें।

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